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️प्रीमियम कमेंट,बहराइच/शिवपुर। परसा अगैया गांव में 10 वर्षीय विवेक वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भले ही पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई हो, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक फांसी की सजा पाए किसी भी अभियुक्त के मामले में आगे की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से उच्च न्यायालय से होकर गुजरती है।
इनवाइट डिपॉजिट, विस्तारFollow Usजिले के अटरू कस्बे में बदमाशों ने अपना दबदबा बनाने के लिए मामूली बात पर एक युवक के साथ बीच सड़क पर पिटाई कर दी और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।
औद्योगिक थाना क्षेत्र के विशंभरपुर गांव निवासी मोहित कुमार (19) पुत्र चिरौंजी लाल की हत्या अवैध संबंध बनाते हुए पकड़ जाने पर की गई थी। आरोपी चचेरे भाई और भाभी ने पुलिस की पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है। सोमवार को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं एफआईआर में तीसरे आरोपी उसके बहनोई त्रिभुवन की भूमिका की जांच की जा रही है। हत्या का सही कारण स्पष्ट हो, इसके लिए मृतक का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
गोल्ड इंस्टेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बरेलीPublished by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:23 PM IST
पॉइंट्स बाराबंकी। निधन के दो साल बाद तक पेंशन लेने का मामला सामने आया है। मृतक के पौत्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी व अपने चाचा पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने दोनों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद पेंशन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले के जंगलों में लगातार हो रही वन्यजीवों की संदिग्ध मौतें अब केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा भी बनती जा रही हैं। 23 दिसंबर को उत्तर सामान्य वन परिक्षेत्र लामता के जंगल में एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं दिखे लेकिन हालत संदिग्ध होने के कारण वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वेरिफाई टास्क, विस्तारFollow Usयूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर हमेशा से संवेदनशील रहा है। 22 जनवरी 2024 को जब से भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी तब से राम मंदिर कट्टरपंथियों के निशाने पर है। समय-समय पर राम मंदिर पर हमले की धमकियां आती रही हैं। हालांकि राम मंदिर की सुरक्षा अभेद्य है और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के तीन हजार से अधिक जवान तैनात हैं। जल्द ही एनएसजी हब बनाने की भी तैयारी है।







