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💢डिपॉजिट💢विस्तारFollow Usबालोद जिले के गुंडरदेही में आयोजित दस्तावेज़ लेखक एवं स्टांप विक्रेता अधिवेशन में शनिवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। मंच से बोलते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। भूपेश बघेल ने कहा कि कांकेर में धर्मांतरण के बाद हुई हिंसा को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनीचाहिए।
️शेयर ट्रांसफर,सारबालोद में कांग्रेस ने झलमला तिराहे पर चक्काजाम कर किसानों के साथ अन्याय, धान खरीदी घोटाले, खनिज न्यास फंड के दुरुपयोग और पर्यावरण नुकसान को लेकर विरोध किया। इस दौरान घंटों हाईवे जाम रहा।
बागेश्वर। जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। बढ़ती ठंड से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कपकोट तहसील के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान शून्य से कम होने से पाला बर्फ की तरह देर तक टिक रहा है।
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पश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।
अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 26 Dec 2025 06:33 PM IST
कैश कम्पलीट, थाना प्रभारी को कार्यवाही की मांग के लिए ज्ञापन सौंपते विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी
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विस्तारFollow Usपैलानी थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में एक पिता ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से आरोपी पिता ने मासूम के शव को यमुना नदी की बीच धारा में फेंक दिया। इस वारदात के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। परिजनों के अनुसार, आरोपी पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
शेयर, विस्तारFollow Usमातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।







