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💢वीडियो कमाई💢अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में नामित विवादित फर्म ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी व परियोजना निदेशक (पीडी) ऐश्वर्य यादव पर कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में गठित जांच टीम सोमवार को परियोजना निदेशक का बयान दर्ज कर सकती है। हालांकि फर्म संचालक मंडल स्तर से जांच कराए जाने की कवायद में जुटे हैं।
️डिस्काउंट,विस्तारFollow Usबालोतरा जिले के गिड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के गंभीर मामले में चार माह से फरार चल रहे एक वांटेड हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:34 AM IST
अर्न, एयरपोर्ट पुलिस ने सोमवार को माफिया अतीक अहमद के करीबी रहे गुलफूल के बेटे वदूद को गिरफ्तार किया है। वदूद के खिलाफ कई थानों में अपराधिक मामले दर्ज है और वह एक हमले के आरोप में वांछित था। पुलिस को उसकी काफी दिनों से तलाश थी।
अशोकनगर जिले में महिला के स्कूल संबंधी शिकायत वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस नेता के पोस्ट पर पूर्व पार्षद महेंद्र जैन मिंदा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। भाजपा समर्थकों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की। घटना से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।Published by:अमन विश्वकर्माUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:30 AM IST
विन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 08:38 PM IST
साइन अप ऐप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:बाड़मेर ब्यूरोUpdated Thu, 18 Dec 2025 10:14 AM IST
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालबीवी ने मरवा डाला पतिT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengal
मेगा इनाम, विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।







