कम्पलीट
विशेष फ्री
सिल्वर वॉच, Inc
गेम
💢डायमंड लाइक💢ख़्वाजा साहब की साहिबज़ादी बीबी हाफ़िज़ा का उर्स सम्पन्न
️डिस्काउंट कूपन,राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समलेहड़ी में स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय युवा दिवस
-बलरामपुर में रिंगरोड निर्माण का निरीक्षण करते डीएम व एसपी ।-स्रोत: विभाग
अतिरिक्त कमेंट, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
बालोद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 930 पर झलमला तिराहे में आज कांग्रेस पार्टी ने चक्काजाम किया। इस दौरान बालोद से दुर्ग, भिलाई, रायपुर और धमतरी की ओर जाने वाला हाईवे घंटों तक जाम रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों को अन्नदाता कहने के बजाय उन्हें चोर बता रहा है और उनके घरों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:42 PM IST
शासन की तरफ से रविवार को मांडा रोड स्थित गंगा नदी पर सेतु को मंजूरी मिल गई। इस पुल के बनने से कोरांव, करछना, मेजा, मांडा और जंगीगंज के करीब 250 गांवों के लोगों का सफर आसान होगा। इसके अलावा बनारस और मिर्जापुर आने-जाने में भी कम समय लगेगा। वहीं, शासन से मंजूरी के बाद तीन महीने के भीतर सेतु निगम पुल का निर्माण शुरू कर देगा।
दैनिक साइन अप, संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:43 AM IST
ऑनलाइन अर्न संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:40 AM IST
जसोलधाम स्थित विश्वविख्यात श्री राणी भटियाणी माता मंदिर में पौष शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन, पुण्य एवं अत्यंत शुभ अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक आयोजनों का भव्य आयोजन पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस वर्ष अंग्रेजी नववर्ष 2026 का शुभारंभ त्रयोदशी जैसी सिद्ध एवं विशेष पूजनीय तिथि से होने के दुर्लभ संयोग ने इस आयोजन को और अधिक मंगलकारी एवं ऐतिहासिक बना दिया।
विथड्रॉ, विस्तारFollow Usराजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।







