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💢सिल्वर इंस्टेंट💢विस्तारFollow Usअंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को हुए उपचुनाव के नतीजे 14 नवंबर को सामने आ जाएंगे। लेकिन वोटिंग प्रतिशत को देखते हुए नतीजों में कुछ बड़ा बदलाव होने के संकेत तो नहीं है। निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान के आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं। शाम साढ़े आज बजे तक वोटर टर्नआउट एप पर कुल 80.32 प्रतिशत मतदान होना बताया गया है। जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में भी 80.35 प्रतिशत मतदान ही हुआ था। हालांकि मौजूदा उपचुनाव में मतदान के फाइनल आंकड़े बुधवार सुबह तक अपडेट होंगे। इसलिए संभावना यही है कि पिछले चुनावों हुए वोटिंग प्रतिशत को इस बार अंता पार कर लेगा। लेकिन यह कोई बड़ा फर्क नहीं है। बीते 3 विधानसभा चुनावों में अंता में वोटिंग प्रतिशत लगभग 80 प्रतिशत ही रहा है।
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मासूम भोमाराम ने बचाई तीन लोगों की जिंदगी- फोटो : अमर उजाला
पुराना ऑफर, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sat, 03 Jan 2026 10:28 AM IST
बैरिया। अतिरिक्त सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, सुपरवाइजरों के एकदिवसीय प्रशिक्षण में सहायक निर्वाचन अधिकारी/ उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने टिप्स दिए। एसआईआर में शेष मैपिंग कराने के लिए 17374 मतदाताओं को तत्काल नोटिस रिसीव करने का निर्देश बीएलओ को जारी किया है। साथ ही सुपरवाइजरों को यह देखने का निर्देश दिया है कि नोटिस संबंधित लोगों के पास पहुंच रही है या नहीं। वहीं, अतिरिक्त सहायक पंजीकरण अधिकारियों को दावे और आपत्तियों को तत्काल निस्तारित करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी मतदाता को नोटिस देते समय यह ध्यान रहना चाहिए कि कम से कम एक सप्ताह का मौका मतदाता को दावा और आपत्ति के लिए मिले। उप जिलाधिकारी ने बताया कि मैपिंग के प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड के अलावा एक अतिरिक्त प्रमाण पत्र देना पड़ेगा। तहसील से जारी सामान्य निवास प्रमाण पत्र स्वीकार्य नहीं होगा। अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र ही इसमें स्वीकार्य होगा। स्पष्ट किया कि फिलहाल तो स्थायी प्रमाण पत्र नहीं बनता है, लेकिन कुछ वर्ष पहले तक एडीएम स्तर से स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनता था। वही प्रमाण पत्र मान्य होगा। उप जिलाधिकारी ने बताया कि अन्य विकल्प भी उपलब्ध है। इसकी चर्चा नोटिस में की गई है। उसमें से किसी एक प्रमाण पत्र को देना पड़ेगा। इसके अलावा सहायक अतिरिक्त पंजीकरण अधिकारी के विवेक पर निर्भर करता है कि प्रमाण पत्र का सत्यापन करें या ऐसे ही स्वीकार कर लें। उप जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों, समाज के जागरूक लोगों से इस कार्य में सहयोग लेने का निर्देश मातहतों को दिया है।
जिला पंचायत आगरा कार्यालय में सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर मुख्य अधिकारी उमेश चन्द्र सहित जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
बांसवाड़ा शहर के कागदी पिकअप वियर से निकलने वाली माही परियोजना की दायीं मुख्य नहर में बारी सियातलाई गांव के पास उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक मानसिक अस्वस्थ महिला ने आत्महत्या करने के इरादे से नहर में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस नियंत्रण कक्ष से कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी गई।
इनाम डिस्काउंट, अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Thu, 01 Jan 2026 04:24 PM IST
इंस्टेंट ऑनलाइन बलिया l जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को शिष्टाचार भेंट की। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर चर्चा की। विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रगति, वित्तीय सहायता, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि विषयों पर कुलपति ने मुख्यमंत्री से सार्थक चर्चा हुई। कुलपति ने विश्वविद्यालय की कठिनाइयों से भी अवगत कराया। विश्वविद्यालय के भवनों के प्रथम चरण का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। कुलपति ने मुख्यमंत्री से इन भवनों के लोकार्पण के लिए समय देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए शासन स्तर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि बलिया जनपद उत्तर प्रदेश के पूर्वी सीमान्त पर स्थित है, जिसके विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। सरकार निश्चित रूप से इसके विकास में हर संभव योगदान देने को तत्पर है।
इनवाइट ईज़ी, 'जिन्हें नसीब नहीं छत, उनकी करें बात, सर्द हवाओं में खुले आसमां तले गुजर रही रात' किसी कवि की कविता की यह पंक्तियां बांसवाड़ा जिले में उन लोगों पर सटीक बैठ रही है, जो बेघर और जरूरतमंद हैं। सर्द हवाओं में जरूरतमंद ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद ने अभी तक ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।







