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💢प्लेटिनम डिस्काउंट💢सारअखिल भारतीय जन विज्ञान नेटवर्क की महासचिव एवं भारत ज्ञान विज्ञान समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशा मिश्रा ने कहा कि सतत शिक्षा केवल साक्षरता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें वैज्ञानिक चेतना, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और संवैधानिक मूल्यों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
️टास्क सब्सक्राइब,विस्तारFollow Usएक धार्मिक स्थल में प्रार्थना सभा के दौरान बीमारी का उपचार करने की आड़ में धर्म परिवर्तन की सूचना पर पहुंचे बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पुलिस ने प्रार्थना सभा में मौजूद लोगों से बात की। पुलिस ने धर्म परिवर्तन की बात से इनकार किया है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
फ्रेंड्स,
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। उप जिला अस्पताल चौखुटिया में रोस्टर के तहत रानीखेत से बाल रोग विशेषज्ञ और महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को आना था, लेकिन विभागीय बैठक के चलते वह नहीं पहुंचे। इस कारण अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:37 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटनPublished by:शिव शुक्लाUpdated Wed, 27 Aug 2025 07:57 AM IST
रजिस्टर सर्वे, बराड़ा। बराड़ा की बेटी व 2021 बैच की आईएएस अधिकारी अक्षिता गुप्ता को पंजाब सरकार ने निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ ही अक्षिता गुप्ता पंजाब की सबसे कम उम्र की डीआईपीआर बनने का गौरव हासिल करने वाली अधिकारी बन गई हैं। अक्षिता गुप्ता की यह उपलब्धि न केवल बराड़ा बल्कि पूरे हरियाणा और देश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कम उम्र में इतनी बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालना उनकी मेहनत, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। उनकी नियुक्ति से बराड़ा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। संवादबराड़ा की बेटी अक्षिता गुप्ता बनीं पंजाब की सबसे कम उम्र की डीआईपीआर। संवाद
विज़िट विस्तारFollow Usशहर के पाला रोड पर एक समुदाय की ओर से लगाए गए पोस्टर के जवाब में दूसरे समुदाय की ओर से पोस्टर लगाए जाने के बाद इलाके में सोमवार रात विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश की।
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
छोटा मोबाइल, सारअनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम दूधमनिया में शराब के नशे में एक युवक हाई टेंशन विद्युत टॉवर पर चढ़ गया। पुलिस, विद्युत विभाग और पावर ग्रिड की संयुक्त कार्रवाई से करीब चार घंटे बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा गया।







