क्लिक
विथड्रॉ
विन, Inc
विशेष ट्रांसफर
💢इनवाइट💢संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:50 AM IST
️विशेष साइन अप,विस्तारFollow Usबारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि अंता चुनाव में भाजपा ने अपने प्रमुख नेताओें को प्रचार के लिए उतारा था। इसमें वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल दोनों के नाम शामिल थे। दोनों ने यहां प्रचार किया था। इसके बाद भी भाजपा को यहां जीत नहीं मिली है। अंता विधानसभा सीट झालावाड़ लोकसभा में आती है जहां से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी भाजपा पीछे रही। ये माना जा रहा है कि नरेश मीणा के यहां से उतरने की वजह से चुनाव त्रिकोणीय हो गया। इसका सीधा नुकसान भाजपा को हुआ है। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज कर ली। प्रमोद को 69462 वोट मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 53740 वोट मिले।
विस्तारFollow Usभाटापारा शहर में गौरी-गौरा विसर्जन कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट में बदल गया। जानकारी के अनुसार, विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने लाठी-डंडों, पत्थरों व अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
क्लिक इनवाइट, संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:15 AM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:02 AM IST
सारभारतमाला हाईवे पर हुए हादसे मे एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई।
कैश क्लिक, बाराबंकी। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर रविवार काे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेले में देखने को मिला। इस दौरान सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस रोग के देखे गए। संदिग्ध मिले टीबी के 17 मरीजों की जांच कराई गई, जबकि गंभीर हालात में पहुंचे तीन मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
इनवाइट विन बिधूना। रुरुगंज स्थित राधा कृष्ण स्टेडियम पर स्वर्गीय विकास यादव की स्मृति में प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया गया।
सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
प्रीमियम कम्पलीट,







