सर्वे स्टूडेंट
डायमंड लाइक
नया विज़िट, Inc
डिस्काउंट वीडियो
💢वेरिफाई इंस्टेंट💢
️कमाई,ठंड से बचने के लिए चेहरे को स्कार्फ से ढक्कर जाती युवतियां- फोटो : संवाद
काम नहीं करने पर डांट खाने से नाराज बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से बांस के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना मलाजखंड थाना क्षेत्र के भड़गांव गांव की है। वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बोनस डाउनलोड, वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:50 PM IST
विस्तारFollow Usसूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें सालाना उर्स के अवसर पर शनिवार रात अजमेर स्थित दरगाह शरीफ में परंपरागत सालाना संदल की रस्म पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। उर्स की शुरुआत से एक दिन पूर्व निभाई जाने वाली इस विशेष रस्म में दरगाह के खादिम समुदाय के साथ देशभर से पहुंचे हजारों जायरीन शामिल हुए।
आगरा। फतेहाबाद विद्युत वितरण मंडल में हुए 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर घोटाले को विभाग के बाबू नीरज पाठक ने ठेकेदारों के साथ गठजोड़ कर अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 50 टेंडरों के लिए आवेदन करते समय एक ही कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल किया गया। इस बात का खुलासा आवेदन करने में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के समान आईपी एड्रेस से हुआ है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गला रेते जाने से प्रेमी युगल की मौत हुई है। साथ ही शरीर पर कई जगह पिटाई के निशान भी पाए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद गांव गढ़िया सुहागपुर में युवक का शव पहुंचते ही चीत्कार मच गया।
रिसीव रिवॉर्ड्स, हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:50 PM IST
वीडियो रिसीव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:प्रिया वर्माUpdated Sun, 16 Nov 2025 09:54 AM IST
बस्ती। कुदरहा विकास खंड के ग्राम पंचायत चकिया की मतदाता सूची में अवैध नामांकन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अन्य ग्राम पंचायतों के मतदाताओं ने गलत तरीके से चकिया की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज करा लिए हैं। इससे आगामी पंचायत चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
कम्पलीट बोनस, विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।







