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️वॉच क्लिक,अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Tue, 23 Dec 2025 06:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Sat, 10 Jan 2026 08:51 PM IST
अतिरिक्त वॉच, पांगी (चंबा)। पांगी निवासियों के लिए शनिवार का दिन नई उम्मीदों की किरण लेकर आया। शिमला से सीमा सड़क संगठन के चीफ इंजीनियर राजीव कुमार जब मुख्यालय किलाड़ पहुंचे तो माहौल देखने लायक था। स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और पारंपरिक पंगवाली टोपी व शॉल पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष भानी चंद ठाकुर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की। लोगों ने अपनी परेशानी बताते हुए मांग रखी कि ग्रीफ कैंप से लेकर महालू नाला तक की सड़क को जल्द से जल्द पक्का किया जाए ताकि रोज-रोज की धूल और गड्ढों से मुक्ति मिल सके। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पांगी वासियों को एक बड़ा आश्वासन मिला है। चीफ इंजीनियर ने वादा किया है कि पुर्थी से किलाड़ तक तारकोल बिछाने का काम अब युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। पुर्थी से रेंई तक काम शुरू भी हो चुका है और बहुत जल्द किलाड़ और पुर्थी के बीच कई हिस्सों में एक साथ मशीनें दिखाई देंगी। इस पूरे रास्ते को चकाचक करने की जिम्मेदारी 108 आरसीसी कंपनी को सौंपी गई है। इस मौके पर आवासीय आयुक्त पांगी अमनदीप, बीडीओ योगेश और वन मंडल अधिकारी रवि गुलेरिया भी मौजूद रहे।
भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 22 Dec 2025 08:15 PM IST
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वेरिफाई,
बड़ा डिपॉजिट सारमध्यप्रदेश की पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बैतूल के शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में मिले जीआई टैग ने इस जनजातीय कला की प्रतिष्ठा और आर्थिक संभावनाओं को नई उड़ान दी है।
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शेयर वॉच, भीलवाड़ा में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने स्वर्गीय शिवचरण माथुर और उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला देवी माथुर की मूर्तियों का भव्य अनावरण किया।







