पैसे
प्रीमियम गेट
डिपॉजिट, Inc
गेम
💢स्टूडेंट कलेक्ट💢😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️इंस्टेंट स्टूडेंट,संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:57 AM IST
पिता की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एडीजे-17 नितिन कुमार ठाकुर ने सुनवाई की। उन्होंने आरोपी बेटे उधम सिंह उर्फ उदल सिंह को ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश किए। सुनवाई के दौरान आरोपी की मां सहित पांच गवाह अपनी पूर्व गवाही से मुकर गए।
मासिक विज़िट, अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 14 Nov 2025 01:44 PM IST
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद
बागेश्वर। मनकोट गांव की देवकी देवी की मौत तेंदुए के हमले में हुई या किसी अन्य कारणों से, इसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग अब तक मौत के कारण पर स्पष्ट नहीं बोल रहे हैं। वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार की बात कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार होने की बात तो मानी लेकिन अब तक ऑनलाइन सबमिट नहीं की है।
जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।
ईज़ी, सारबागेश्वर के दाड़िमठौक गांव में घर के भीतर अंगीठी से निकली गैस के कारण एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। प्रभावितों में बच्ची भी शामिल है।
मेगा विज़िट Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 23 Dec 2025 06:27 PM IST
पैसे, विस्तारFollow Usअल्मोड़ा में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की प्रसिद्ध राजमा पर जलवायु परिवर्तन और मौसम का असर पड़ा है। एक दशक पहले तक जहां 1450-1800 मीटर की ऊंचाई पर राजमा की खेती होती थी, वहीं अब वर्तमान में 1800-2400 मीटर की ऊंचाई पर इसकी पैदावार हो रही हैं। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा, कुमाऊं विवि और गढ़वाल केंद्रीय विवि के संयुक्त शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।







