विज़िट विथड्रॉ
डिपॉजिट
बोनस, Inc
ट्रांसफर
💢वॉच💢विस्तारFollow Usभागलपुर जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के साहेबगंज चर्च रोड पर शुक्रवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां 22 वर्षीय कुंदन यादव उर्फ़ बुच्चो यादव की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक कंपनी यादव का दूसरा बेटा था और पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
️लॉग इन,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:भीलवाड़ा ब्यूरोUpdated Mon, 03 Nov 2025 07:50 PM IST
- 5500 पुलिस कांस्टेबल की होनी है भर्ती, अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर जारी
बोनस स्टूडेंट,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Tue, 30 Dec 2025 05:23 PM IST
बूंदी के करवर थाना क्षेत्र में हाल ही में नीलगायों के शिकार की घटनाओं से मचे हड़कंप के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में नीलगायों को दौड़ाकर शिकार करते हुए का वीडियो मिला है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में अहम सुराग हाथ लगे हैं।
सारभोपाल की अमन कॉलोनी ईरानी डेरे से देशभर में अपराध संचालित करने वाला कुख्यात बदमाश राजू ईरानी उर्फ रहमान सूरत में गिरफ्तार हुआ है। उस पर 14 राज्यों में दर्जनों मामले हैं। भोपाल पुलिस ट्रांजिट वारंट पर उसे लाने की तैयारी में है, जबकि महिला लेडी डॉन समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
प्रीमियम सब्सक्राइब, बिहार में लगातार हो रही रेप और हत्या की वारदातों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पूर्णिया में एक युवती से शराब पिलाकर किए गए सामूहिक दुष्कर्म पर सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए दोषियों को सीधे फांसी देने की मांग की है।
पुराना साइन अप
भागलपुर नाथनगर थाना क्षेत्र के डोगछी बायपास पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में 10वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को मायागंज अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया।
छोटा कमेंट, चंपावत। कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







