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💢मासिक इनवाइट💢आगरा। विपक्ष को लोगों की सहूलियत की चिंता है, न ही लोगों को ज्यादा रोजगार व आय मिलने की खुशी। वह सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहा है। यह बात केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने विकास भवन सभागार में केंद्र सरकार के वीबी जी राम जी अधिनियम को लेकर प्रेस वार्ता में कही। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मजदूरी भुगतान की सात दिन की समय-सीमा तय की गई है। कृषि को प्रभावित होने से बचाने के लिए बुवाई कटाई के पीक सीजन के दौरान 60 दिनों की विशेष अवधि तय करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया है। स्पष्ट किया कि मनरेगा के सभी कार्य सुरक्षित हैं और निर्बाध जारी रहेंगे। इस दौरान सीडीओ प्रतिभा सिंह, डीआरडीए पीडी रेनू कुमारी व अन्य मौजूद रहे।
️ऑनलाइन,सारआगरा में शादी के 10 महीने बाद ही विवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। विवाहिता की मौत के बाद पति और ससुराल वाले लाश को छोड़कर भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कमेंट विथड्रॉ, सरगुजा जिला स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा में लंबे समय से ठप पड़ी विमानन सेवाओं को पुनः प्रारंभ कराने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को एयरपोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से कागज का विमान सौंपते हुए शासन-प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:40 AM IST
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मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:42 AM IST
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