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️कमेंट लॉग इन,अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 07 Jan 2026 10:29 PM IST
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:आदित्य आनंदUpdated Mon, 29 Dec 2025 02:12 PM IST
विन वॉच, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 08:03 AM IST
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विस्तारFollow UsDantewada News: केंद्र की मोदी सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें संशोधन के खिलाफ शनिवार को स्थानीय राजीव भवन दंतेवाड़ा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पीसीसी के संयुक्त महामंत्री उमाशंकर शुक्ला ने कहा मनरेगा कानून में परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है, मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने वाला निर्णय है।
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