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💢शेयर सब्सक्राइब💢मटन मार्केट के पास चाकूबाजी की घटना, घायल युवक जिला अस्पताल में भर्ती
️फ्रेंड्स,
सारखाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने और किसानों की आय में दीर्घकालीन व स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम योजना को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं।
पॉइंट्स कलेक्ट,
भरमौर (चंबा)। भरमौर विधानसभा क्षेत्र की बड़ग्रां पंचायत की लगभग 2,000 आबादी को अब पलानी नाले के बीच से गुजरने की परेशानी नहीं होगी। नाले पर सवा चार करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण चल रहा है, जिसे 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य ठेकेदार को लोक निर्माण विभाग ने दिया है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
Chhindwara Newsलुधियाना में लूटAmritsarShahdol NewsBihar NewsJalandharरेवाड़ी में पुलिस की बड़ी कार्रवाईMP NewsMunger NewsBihar
नया सब्सक्राइब, विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले के सवाईपुर क्षेत्र के सालरिया गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव में चंबल परियोजना की टंकी के पास पानी में एक नवजात बालक का शव उतराता मिला, जिसके साथ गोबर और कचरा भी बह रहा था। ग्रामीणों ने जैसे ही यह मंजर देखा, इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
साप्ताहिक ऑनलाइन विस्तारFollow Usखांसी की सिरप Dextromethorphan HBr Syrup से बच्चों की तबियत बिगड़ने के मामले में राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी सामने आए हैं। मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा में भी खांसी की सिरप को पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई है। राजस्थान में ड्रग कंट्रोलर ने इस दवा के साथ अब सभी तरह की कफ सिरप की सप्लाई पर तत्काल रोक लगा दी है।
विस्तारFollow Usजिले के सटई थाना क्षेत्र के विजयपुर गांव से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां मछली पकड़ने के दौरान जाल निकालने के प्रयास में एक मछुआरे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने उसके साथी मछुआरे पर लापरवाही बरतने और जान-बूझकर जोखिम में डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ट्रांसफर, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







