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️पैसे,अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:विजय पुंडीरUpdated Thu, 04 Dec 2025 05:51 PM IST
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सारराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार कर सर्पदंश के इलाज में नई सफलता हासिल की है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जिससे एलर्जी और गंभीर साइड इफेक्ट्स की समस्या कम होगी।
विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की राशि 10 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए भेज दी है। उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से 1000 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर अंतरण किया। इसके पूर्व एक करोड़ 46 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 14 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला लाभुकों से बातचीत की। महिलाओं ने सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद करते हुए कहा कि 10000 की राशि से काफी मदद मिली है इससे वह अपना रोजगार शुरू कर चुकी है और अपनी जरूरत को पूरा कर पा रही हैं। आइए जानते हैं प्रमुख तीन महिलाओं ने और क्या क्या अनुभव साझा किए...
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:39 PM IST
पैसे सब्सक्राइब, ‘वेदांता टूर डी थार’ अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रेस- फोटो : अमर उजाला
वॉच जिले के ग्राम लोलेसरा में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रविवार 21 से 24 दिसंबर तक चार दिवसीय संत समागम मेला का आयोजन होगा। इस मेले में प्रदेशभर के लोग शामिल होंगे। मेले में लाखों लोग पहुंचते हैं। शनिवार को जिले के नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक व दयाल दास बघेल ने अधिकारियो व कबीर पंथ समाज के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की गई। आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 16 Dec 2025 03:52 PM IST
फ्री कम्पलीट, भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।







