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️कमेंट,धामपुर। गांव भटियाना खुशहालपुर में रविवार सवेरे नौ बजे गांव के निकट खेत में गुलदार बैठा नजर आने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अवगत कराने के बाद भी वन विभाग की ओर से पिंजरा नहीं लगाया जा रहा है। गांव के मास्टर सुधीर कुमार चौहान ने बताया कि जब वह सवेरे नौ बजे जंगल में काम करने के लिए बाइक से जा रहे थे। इस दौरान गांव के निकट पूर्व प्रधान के घर के पास स्थित सरसों के खेत में गुलदार बैठा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाया और गांव के लोग इकट्ठा हुए तो गुलदार गन्ने के खेत में जा छिपा। गांव की मीनाक्षी, बबीता, अर्जुन ,जितेंद्र, सतवीर, परविंदर और लोकेश का कहना है कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर जल्द पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि 2025 में उनके गांव में वन विभाग द्वारा दो गुलदाराें को पकड़ चुका है। डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान से संपर्क कर पिंजरे को गांव में लगाने के लिए सुझाव दिया है। ग्रामीणों की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा।
मौके पर मौजूद पुलिस और स्थानीय लोग- फोटो : अमर उजाला
लाइक कम्पलीट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 16 Dec 2025 03:52 PM IST
विस्तारFollow Usबैतूल जिले में पुलिस ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी चलाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए 9.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क दुबई से संचालित होता था और भारत में इसके लिए स्थानीय एजेंट काम कर रहे थे।
सारPurnea Gang Rape Case: पूर्णिया गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी जुनैद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जुनैद के ड्राइवर इस्ताबर और इरफान समेत 6 लोगों पर केस दर्ज किया है। एसपी ने मामले में देह व्यापार के एंगल की जांच के भी आदेश दिए हैं, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में सीएम साय- फोटो : अमर उजाला
पुराना रजिस्टर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sun, 14 Dec 2025 09:58 PM IST
साइन अप ऑनलाइन विस्तारFollow Usछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक करीब 8 माह की अवधि में कुल 402 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 64 बच्चों ने रास्ते में, 83 बच्चों की घर पर और 255 बच्चों की अस्पताल में डिलीवरी के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुल 16,912 डिलीवरी में से 402 नवजातों की मृत्यु दर्ज की गई है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:09 AM IST
नया क्लिक, स्पेशल डेस्क, अमर उजालाPublished by:कीर्तिवर्धन मिश्रUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:29 AM IST







