लॉग इन
डायमंड कूपन
विज़िट, Inc
सिल्वर गेट
💢रजिस्टर गेट💢मिनी मैराथन से पहले अतिथियों ने गुब्बारे उड़ाए- फोटो : संवाद
️साप्ताहिक सर्वे,विस्तारFollow Usजिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।
विशेष अर्न, TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
विस्तारFollow Usबालोद जिले के उद्यान रोपणी में आयोजित बैठक के दौरान वन समिति के सभापति ने अधिकारियों पर पेड़ों की कटाई को शह देने का आरोप लगाया। इस पर रेंजर ने कहा कि यदि उनकी रेंज में इस तरह की कोई गतिविधि होती है तो जानकारी देने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में एसडीएम और तहसीलदार की जिम्मेदारी होती है।
विस्तारFollow Usराजस्थान के बाड़मेर जिले में कड़ाके की सर्दी के बावजूद पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शिव विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पानी की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे और जलदाय विभाग कार्यालय में अधिकारियों के सामने धरने पर बैठ गए।
सारनगर में पुराने स्टेट बैंक के सामने पंडाल के पास मांस का टुकड़ा और हड्डियां मिलने से तनाव फैल गया। जांच में स्थानीय व्यापारी के कर्मचारी की लापरवाही उजागर हुई। पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए शांति बनाए रखने और अफवाहों से सावधान रहने की अपील की। दशहरे तक मांस की दुकानें बंद रहेंगी।
इनवाइट टास्क,
डाउनलोड इंस्टेंट अंधविश्वास की गिरफ्त में आकर धनवर्षा की उम्मीद में कछुओं से तांत्रिक क्रिया करने निकले 9 लोगों को लांजी वन विभाग ने दबोच लिया। टीम ने स्कॉर्पियो से दो जीवित कछुए बरामद किए, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है।
मोबाइल, विस्तारFollow Usआजमगढ़ जिले के एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को मजहबी सवाल-जवाब सिखाते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने पांच से छह साल के बच्चे खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि शिक्षिका का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन उनकी आवाज स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई है।







