अर्न
गोल्ड गेट
सुपर रजिस्टर, Inc
कम्पलीट
💢प्रीमियम सब्सक्राइब💢विस्तारFollow Usराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बरेली छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) की ओर से सोमवार को मिनी मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। कैंट स्थित मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल जीओसी डीजी मिश्रा और छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन ने हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन की शुरुआत की।
️कमाई लॉग इन,खुदरा महंगाई दर में उछालबजट 1 या 2 फरवरी को'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'IND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीयूपीविवेकानंद यूथ अवॉर्ड
छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। हत्या, दुष्कर्म, गैंगवार और मारपीट की घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में अंबिकापुर शहर से एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है, जहां एक भाजपा महिला पार्षद के पुत्र समेत करीब एक दर्जन युवकों ने दो छात्रों की बेरहमी से पिटाई कर दी। पूरी घटना सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। शहर के नमनाकला खटिकपारा निवासी राहुल सोनवानी, पिता पन्नेलाल, अपने दोस्त शुभम रवि के साथ दर्रीपारा स्थित अंबेडकर वार्ड में विकास साहू के मकान में किराए पर रहकर पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान दर्रीपारा निवासी उदय साहू, उत्तम साहू, आकाश यादव, अखिल सोनी, समीर मुंडा, रौनक मुखर्जी सहित 2-3 अन्य युवक अचानक उनके कमरे में घुस आए।
मासिक ऑफर, फोटो-3-अनंतराम टोला प्लाजा पर मौजूद रैली में शामिल कैडेट्स व कर्नल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराजUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:29 AM IST
साप्ताहिक कलेक्ट, क्वांटम यूनिवर्सिटी के 'क्वांटम स्कूल ऑफ लॉ' ने मंगलवार को 77वां राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का आयोजन किया। इस मौके पर पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुनील कुमार पंवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कानून के छात्रों को न्याय और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में बारीकी से बताया।
वेरिफाई शेयर
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विथड्रॉ रिसीव, दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।







