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💢पैसे क्लिक💢अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 07 Nov 2025 07:10 PM IST
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इंस्टेंट, लोहाघाट (चंपावत)। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की सद्बुद्धि की कामना के लिए भजन-कीर्तन का आयोजन किया। रविवार को भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष गिरीश कुंवर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर लोहाघाट में भजन-कीर्तन किया।
विस्तारFollow Usभीलवाड़ा में शनिवार देर रात जिला जेल में तैनात एक आरएसी कॉन्स्टेबल की खुद की सर्विस राइफल से निकली गोली लगने से मौत हो गई। माना जा रहा है कि कांस्टेबल ने खुद को गोली मारी है। कांस्टेबल जेल परिसर के वॉच टॉवर पर तैनात था। मृतक की पहचान 13वीं बटालियन आरएसी के 37 वर्षीय रामकिशोर मोदीवाल के रूप में हुई है। वह जो अजमेर जिले के किशनगढ़ तहसील के हरमाड़ा गांव का निवासी था।
सारBhind Accident:हादसे के बाद श्वेता की छोटी बहन रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और श्वेता का शव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
विस्तारFollow Usआज शनिवार से बेमेतरा जिले में धान खरीदी का शुभारंभ हो गया है। खरीदी से जुड़े कर्मचारी बीते 10 दिन से हड़ताल में थे, लेकिन इनकी हड़ताल खत्म हो गई है। दरअसल, एक दिन पहले यानि शुक्रवार को सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला बेमेतरा, जो सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ पंजीयन से संबद्ध ने शाम 7 बजे बेमेतरा एसडीएम कार्यालय आयोजित बैठक बाद अपनी हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा कर दी।
वॉच रिसीव, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Mon, 29 Dec 2025 09:02 AM IST
रिसीव विन वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:54 AM IST
सारBhind Accident:हादसे के बाद श्वेता की छोटी बहन रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और श्वेता का शव हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।
सर्वे इंस्टेंट, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।







