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💢गोल्ड कमेंट💢सारBihar:बांका के चमरैली गांव में प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के डर से अधिवक्ता पिता व बेटे ने नाबालिग बेटी/बहन की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने झूठे अपहरण मामले का खुलासा करते हुए इसे ऑनर किलिंग बताया।
️ऑफर डिस्काउंट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Fri, 31 Oct 2025 09:20 AM IST
विशेष फ्री, मोढ़ चैंपियनशिप क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाड़ी को पुरस्कार देते अतिथि। स्रोत आयोजक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Thu, 14 Aug 2025 09:08 AM IST
विस्तारFollow Usबिहार में सर्द हवा हाड़ कंपा रही है। धूप नहीं निकलने के कारण कनकनी से लोगों का हाल बेहाल है। दिन और रात के तापमान में अंतर घट रहा है। न्यूनतम पारा गिरकर छह डिग्री तक चला गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 दिसंबर यानी आज 19 जिलों में शीत दिवस का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 26 जिलों में घना कोहरा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की मानें तो यह स्थिति तीन जनवरी तक रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवा एक ट्रफ के रूप में मौजूद है, जिसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है। यह मोटे तौर पर देशांतर 60 डिग्री ई के साथ अक्षांश 30 डिग्री देशांतर के ऊपर में फैला हुआ है। इसलिए ऐसे हालात हैं।
कोसरियां वार्ड में विकास कार्यों का उद्घाटन करते विधायक त्रिलोक जमवाल। स्रोत: भाजपा
साइन अप, सारभीड़ और गर्मी के कारण उन्हें चक्कर आ गए और तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार थकान और गर्मी वजह रही, हालांकि अब उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। प्राथमिक उपचार के बाद खंडेलवाल ने पुनः कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
ऐप ऑफर सारभोपाल के परिवार न्यायालय में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां सब-इंस्पेक्टर बनी महिला ने पति की पारंपरिक वेशभूषा से असहजता जताते हुए तलाक की अर्जी दी है। साथ ही जो कहा वो भारतीय संस्कृति के लिए काफी चिंतनीय विषय है! चलिए खबर में पूरा मामला विस्तार से जानिए।
विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
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