लाइक ईज़ी
मोबाइल वॉच
वीआईपी ऑफर, Inc
वीडियो
💢शेयर💢विस्तारFollow Usपुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भागलपुर जिले में बुधवार से ‘अभया ब्रिगेड’ टीम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
️गेट गेम,मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का आंकड़ा 16 तक पहुंच चुका है। छिंदवाड़ा जिले में 14 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सब्सक्राइब विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांकाPublished by:भागलपुर ब्यूरोUpdated Sun, 21 Dec 2025 07:35 PM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
बिल्सी। गांव हरनाम नगला में मजदूरी के बकाया रुपये मांगना एक परिवार को भारी पड़ गया। रुपये मांगने पर गांव के ही आदमी ने एक ही परिवार के चार सदस्यों के साथ मारपीट कर दी, जिसमें सभी घायल हो गए। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो रिसीव,
इंस्टेंट टास्क सारछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक 16,912 डिलीवरी में 402 नवजात बच्चों की मृत्यु हुई। सबसे अधिक मौतें छतरपुर ब्लॉक में हुईं। सीएमएचओ ने बताया कि हाई-रिस्क श्रेणी के बच्चों की पहचान और समय पर उपचार के जरिए नवजात मृत्यु दर को कम करने के प्रयास जारी हैं।
भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
वीआईपी सब्सक्राइब, सारभाजयुमो के पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता हमेशा सनातन धर्म और साधु-संतों का अपमान करते रहे हैं। भूपेश बघेल अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एवं पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का विरोध कर रहे हैं।







