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💢विन💢प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
️नया विन,जहांगीरगंज। कस्बे में एक प्रेम कहानी परवान चढ़ गई। पुलिस के हस्तक्षेप और समझाने के बाद परिजनों की सहमति से एक युवक और युवती ने सोमवार को एक मंदिर में सात फेरे लेकर एक-दूसरे को अपना लिया। यह प्रेम विवाह इसलिए खास रहा क्योंकि दोनों के परिजन इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे, जिसके बाद प्रेमिका की ओर से थाने में गुहार लगाई गई।
सारLeopard Attacks On Villagers: डूंगरपुर के गामड़ी अहाड़ा गांव में झाड़ी में छिपे तेंदुए ने तीन लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें एक गंभीर रूप से घायल हुआ। वन विभाग ने मोर्चा संभालते हुए उदयपुर से ट्रेंकुलाइज टीम बुलाई है। ग्रामीणों में भय का माहौल है।
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गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:28 AM IST
सारइस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासियों और किसानों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:चमन शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 03:39 PM IST
सर्वे, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:12 PM IST
कैश ऑनलाइन
विस्तारFollow Usशिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द होने से प्रभावित छात्रों के भविष्य पर उच्चशिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। अब छात्रों के सभी दस्तावेज और डिग्रियां डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से प्राप्त होंगी। जेएस विवि से सभी दस्तावेज वहां भेजे जाएंगे। डॉ. बीआर आंबेडकर विवि प्रशासन किसी भी छात्र के हित की अनदेखी नहीं करेगा।
कलेक्ट टास्क, विस्तारFollow Usमकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार भीड़ को देखते हुए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। पिछली बार यह लंबाई केवल दो किमी ही थी। मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट से सड़कें तैयार की गई हैं। तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा, खाक चौक सहित प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर सज चुके हैं।







