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️टास्क वॉच,बलिया। बिजली निगम की तरफ से लगने वाले स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। निगम की तरफ से चलाए जा रहे ओटीएस में 8 से 10 उपभोक्ता प्रतिदिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए या गड़बड़ बिलिंग की परेशानी वाले आ रहे हैं।
तीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
लॉग इन ट्रांसफर, सामने से आए अज्ञात वाहन की रोशनी पड़ने पर बाइक सवार तीन मित्र अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जानवर बांधने के खूंटा से टकराकर लगे शीशम के पेड़ से भिड़ गए। हादसे में तीनों गंभीर घायल हो गए। तीनों को पुलिस ने नरैनी सीएचसी पहुंचाया। वहां दो ने दम तोड़ दिया। तीसरे युवक को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां उसने देर रात दम तोड़ दिया। सभी मृतक चित्रकूट जिले के रसिन व ब्यूर गांव के रहने वाले थे। बाइक चालक हेलमेट लगाए था, उसके अंडकोष में चोट आने से उसकी मौत हुई है।
बस्ती। मौसम ने करवट बदलना शुरू कर दिया है। लगातार दूसरे दिन भीषण ठंड से लोगों ने और राहत महसूस की है। सुबह आठ बजे तक सूरज दिखाई पड़ने लगे। कुछ ही देर बाद अच्छी धूप निकल आई। सुबह से लेकर दिन भर चहल-पहल बढ़ी रही।
टास्क ऑफर, बारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:00 PM IST
डिस्काउंट सर्वे, नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।







