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💢कैश💢बलिया। जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और कैशलेस बनाने की दिशा में शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब 20,000 रुपए से अधिक की रजिस्ट्री फीस का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। नकद भुगतान का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 12 जनवरी से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू होगी।
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रुपईडीहा। शीतलहर और कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए उपजिलाधिकारी नानपारा मोनालिसा जौहरी ने देर शाम रुपईडीहा नगर पंचायत कार्यालय परिसर में संचालित रैन बसेरा तथा नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए अलाव स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले रैन बसेरा पहुंचकर वहां ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिस्तर, कंबल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की।
प्रीमियम फ्रेंड्स, कस्बे में निर्माणाधीन अस्पताल की कोठरी में अनजान युवक को देख चोर समझकर कर्मचारियों ने शोर मचा दिया। भीड़ ने युवक को दबोच लिया। हालांकि मौका पाकर युवक भाग गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदाPublished by:शिखा पांडेयUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:08 PM IST
सब्सक्राइब रजिस्टर, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
बड़ा डिस्काउंट विस्तारFollow Usअजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने गुरुवार को श्रीनगर रोड पर लीज समाप्त हो चुकी गुमटियों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की। रोजगार के उद्देश्य से लघु अवधि की लीज पर आवंटित करीब 40 से अधिक गुमटियों को एडीए प्रशासन ने जेसीबी की मदद से हटवा दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में दिनभर हलचल का माहौल बना रहा।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sun, 14 Dec 2025 06:31 PM IST
गोल्ड अर्न, राजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।







