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💢कैश ट्रांसफर💢विस्तारFollow Usराजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
️इनवाइट इनाम,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:प्रिया वर्माUpdated Fri, 19 Dec 2025 09:11 PM IST
बदायूं। सैदपुर के मोहल्ला महेश चौक के रहने वाले 92 साल के विद्यासागर रस्तोगी का सीना उनके दो बेटों की बेरुखी से पहले से ही छलनी था। उस सीने पर उन्होंने गोली मारकर जख्म को और गहरा करते हुए मोह-माया के बंधन से मुक्ति पा ली। रविवार को उनके शव के पोस्टमॉर्टम से पहले जिला अस्पताल में कराए गए एक्स-रे में 16 छर्रे मिले। इन छर्रों को बड़ी मुश्किल से निकाला जा सका। इसके बाद देर शाम कस्बे में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विज़िट विथड्रॉ, राजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
सारCough Syrup Deaths in MP:डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं, खासकर कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी। पहले भी निहाल और गर्मित धुर्वे की इसी दवा के सेवन के बाद मौत हो चुकी है।
विस्तारFollow Usसर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की एक महत्वपूर्ण सम्भागीय बैठक आगामी 11 जनवरी 2026 (रविवार) को कोया कुटमा भवन, परपा, जगदलपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे से किया जाएगा, जिसमें बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी एवं विभिन्न आदिवासी समाजों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
मासिक कैश, बिजनौर। काकरान वाटिका में रविवार को हिंदू सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में नवदुर्गा की झांकी का प्रदर्शन हुआ, जिसमें महिषासुर का मर्दन किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संत गोपाल दास महाराज ने कहा कि हिंदू संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति है, जिसने हमेशा ही विश्व को सही दिशा देने का कार्य किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी, अबोहर (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 05:28 PM IST
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