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💢अतिरिक्त साइन अप💢अमरोहा। हाईवे किनारे हादसों होने पर घायलों को जल्द स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए ट्राॅमा सेंटर बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। ट्राॅमा सेंटर का निर्माण अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत किया जाएगा। इस पर 12 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:36 PM IST
ऐप फ्री, सारBanswara News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आदिवासियों ने सदियों से हमारी प्रकृति ओर संस्कृति को सहेजा है। भगवान बिरसा मुंडा ने 15 साल की उम्र में ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर देश में आजादी की क्रांति जगाई।
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर/लुधियाना/जालंधरPublished by:निवेदिता वर्माUpdated Sat, 10 Jan 2026 02:14 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसीPublished by:गायत्री जोशीUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:03 AM IST
सारपंजाब का सामाजिक ढांचा संयुक्त परिवार और बुजुर्गों के आशीर्वाद पर टिका है। लोहड़ी के अवसर पर घर की पुत्रवधुएं सास-ससुर और अन्य बुजुर्गों को लोई, शॉल या गर्म कपड़े भेंट करती हैं। यह रस्म पीढ़ियों के बीच सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह का सेतु है। संदेश साफ है- जिस घर में बुजुर्गों का मान, वहां खुशहाली का वास।
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इनाम बलिया। आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को एसआईआर के बाद जिले के सातों विधानसभा क्षेत्र में नए सिरे से चुनावी गणित बैठानी होगी। बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर से 4 गुना तक वोट हैं। एसआईआर ने जिले के सात विधान सभा क्षेत्र में मतदाता सूची से कटे नाम से अब चुनावी समीकरण बदला होगा। इसके लिए राजनैतिक दलों को नए समीकरण के साथ मैदान में कसरत करनी पड़ेगी। 2022 विधान सभा चुनाव के नतीजों पर गौर किया जाय तो प्रत्याशियों के जीत के अंतर से 12 गुना तक नाम एसआईआर में कटे हैं। जिसके कारण आने वाले विधान सभा चुनाव में एक अलग तरह की चुनौती हर दल के प्रत्याशियों की होगी। जिले में बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सबसे अधिक 82619 नाम कटे हैं।
तीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
अर्न इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/श्रीगंगानगर/बांसवाड़ाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 10 Nov 2025 10:30 PM IST







