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💢गेम विथड्रॉ💢मध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों से कोहरा और कड़ाके की ठंड ने पूरे प्रदेश को जकड़ रखा है। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच दृश्यता घटकर महज 20 मीटर रह गई। हालात ऐसे रहे कि सुबह 11 बजे तक कोहरे की मोटी चादर शहर पर छाई रही। कोहरे और सर्द हवाओं ने दिन और रात के तापमान में गिरावट ला दी है। ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रदेश के 21 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, सीहोर और धार में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की टाइमिंग बदलकर सुबह 9:30 बजे से कर दी गई है।
️गोल्ड कैश,चंडीगढ़ में सोमवार सुबह एक बार फिर घना कोहरा छा गया। कड़ाके की ठंड ने गलन का अहसास कराना शुरू कर दिया है। शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस है, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन (फाइल)- फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
शेयर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चांदपुर में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में सम्मानित पुरातन छात
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारमुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने हथियार के बल पर तीन युवकों से मारपीट की। घटना में एक युवक का हाथ और पैर टूट गया, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। चलिए बता रहे हैं कि इस विवाद की वजह क्या थी?
रिसीव बोनस, Bihar:सहरसा में निगरानी विभाग ने सेल टैक्स कार्यालय के चतुर्थ वर्गीय कर्मी को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बैंक सेटलमेंट के बदले घूस मांगी गई थी। आरोपी को भागलपुर निगरानी कोर्ट में पेश किया गया।
बोनस टास्क संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:58 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:47 PM IST
कमेंट स्टूडेंट, विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।







