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💢डायमंड सर्वे💢छत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव 'बस्तर पंडुम' इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।
️सिल्वर इनवाइट,महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्निHaridwar NewsUjjain Newsअमृतसर में NRI महिला का मर्डरNeemuch NewsJharkhandचंडीगढ़ के एलांते मॉल में बमSagar NewsBihar CrimeKota News
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुरPublished by:विजय पुंडीरUpdated Fri, 09 Jan 2026 12:29 PM IST
वीआईपी ऑफर, गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:41 PM IST
सारकोंडागांव में सड़क नवीनीकरण कार्य को तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।
सारग्रामीण राम पोटाम जंगल जाते समय माओवादियों द्वारा पहले से लगाए प्रेशर आईईडी विस्फोट की चपेट में आ गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्चिंग शुरू कर दी है।
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में अंदरूनी हलचल एक बार फिर सामने आई है। आलीराजपुर के बाद अब रतलाम ग्रामीण कांग्रेस जिला अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह महज कुछ महीनों के भीतर संगठन में दूसरा इस्तीफा है, जिससे प्रदेश कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हर्ष विजय गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा है कि पारिवारिक परिस्थितियों और विधानसभा क्षेत्र से जुड़े दायित्वों के कारण वे जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने संगठनात्मक पद से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
विशेष वीडियो, सारमुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने हथियार के बल पर तीन युवकों से मारपीट की। घटना में एक युवक का हाथ और पैर टूट गया, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। चलिए बता रहे हैं कि इस विवाद की वजह क्या थी?
नया टास्क दादरी जिला कार्यालय में पत्रकारों से बात करते जितेंद्र बघेल व अन्य पदाधिकारी।- फोटो : 1
गोल्ड कमेंट, विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।







