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💢स्टूडेंट💢सारNitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 2026 कई तरह से मायने रखता है। 2025 के अंत में उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उसके पहले और उसके बाद कई बातें उठीं। लेकिन, अब वह एक बार फिर जवाब देने के मूड में हैं।
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सारBihar News:दूल्हे के पिता राजहंस ठाकुर ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि हमला अचानक इतना तेज था कि वे किसी तरह भागकर अपनी जान बचा सके। अन्य बराती भी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे।
इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:59 AM IST
बीजापुर में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त डीआरजी बीजापुर में पदस्थ आरक्षक स्व. दिनेश नाग के परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 18 अगस्त 2025 को माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद हुए आरक्षक दिनेश नाग की धर्मपत्नी पूजा नाग को सोमवार को 1.10 करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया गया।
सारBharatpur Crime: भरतपुर के एक गांव में 2016 में 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विशिष्ट पॉक्सो अदालत ने आरोपी मूलचंद मीणा को आजीवन कारावास और 30 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। उसका बेटा साहब सिंह पहले से ही उम्रकैद काट रहा है।
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प्लेटिनम कमेंट सारबैतूल के गंज थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग विवेक मरकाम की बेरहमी से पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। रॉड, फावड़ा और लाठियों से हमला किया गया। पुराने विवाद को कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
विस्तारFollow Usबस स्टैंड छतरपुर के पास स्थित मस्जिद की सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के टेंट में आग लगाकर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में बुधवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव, जिला छतरपुर के न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मेगा वॉच, विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।







