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फ्रेंड्स रिवॉर्ड्स
💢पॉइंट्स💢सोशल मीडिया और यूट्यूब की चमक-दमक में नाम कमाने की चाह एक 15 वर्षीय नाबालिग को सैकड़ों किलोमीटर दूर कर्नाटक से अलवर तक ले आई। गेमिंग यूट्यूबर बनने का सपना संजोए दसवीं कक्षा का छात्र घर से बिना बताए निकल गया और अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र में एक यूट्यूबर से मिलने पहुंच गया। गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और परिजनों की सतर्कता से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और बच्चा सकुशल अपने पिता से मिल गया।
️रजिस्टर ईज़ी,बागेश्वर। क्षेत्र के मुस्योली गांव में तेंदुए की दस्तक से पशुपालकों में दहशत है। तेंदुए ने पशुपालक राजेंद्र सिंह की बकरी पर हमला कर उसे मार डाला। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
इनवाइट कम्पलीट, सारसंगम की रेती पर माघ मेले ने भव्य स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। संगम तट पर हर दिन देश ही नहीं विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है। अध्यात्म और भक्ति से सराबोर माघ मेले में साधु-संत अलग-अलग भेषभूषा और बोली से चर्चा में हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Thu, 08 Jan 2026 11:42 PM IST
विस्तारFollow Usअमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
फ्रेंड्स,
सिल्वर शेयर सारपागल कुत्ते ने मोरदड़ और चिखली गांवों में 12 लोगों पर हमला कर घायल कर दिया। मोरदड़ में बुजुर्ग महिला का होंठ कट गया और एक अन्य महिला की नाक की हड्डी टूट गई। कुत्ता लगातार राहगीरों को काटता हुआ चिखली पहुंचा, जहां ग्रामीणों ने उसे लाठियों से मार गिराया।
बालोद जिले में नेशनल हाईवे पर पुटटू ढाबा के सामने खड़े एक युवक को बस ने ठोकर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान महेंद्र रावटे पिता बृजलाल रावटे, निवासी हटकेसर वार्ड, धमतरी के रूप में हुई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
इनवाइट विन, दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।







