इंस्टेंट ईज़ी
मेगा रिसीव
गोल्ड रजिस्टर, Inc
साइन अप क्लिक
💢बड़ा रजिस्टर💢गौरीगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता करते सांसद किशोरी लाल शर्मा। -संवाद
️स्टूडेंट ईज़ी,स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के टैक्निशियन के छात्रों ने एक्सरे, अल्ट्रासाउंड एमआरआई और पैथॉलाजी समेत सभी जांच को बंद कर दिया है। इसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की हड़ताल रविवार शाम छह बजे से ही बंद है। छात्र शिवम रावत का आरोप है कि रविवार शाम को ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी एक मरीज का एक्सर करने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर मारा पीटा। आरोप है कि ड्यूटी का समय पूरा हो जाने के बाद भी छात्रों पर काम करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर एक छात्र की पिटाई कर दी गई। दूसरे दिन सोमवार को भी हड़ताल जारी रही।
विस्तारFollow Usएक बार फिर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से आया अफ्रीकी चीता राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से सटे जिले के किशनगंज इलाके में दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि चीता KP-2 किशनगंज रेंज के जंगलों में प्रवेश कर गया है, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उसे ट्रैक कर रही हैं।
इंस्टेंट, T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्ड
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:06 AM IST
वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 12:57 AM IST
विस्तारFollow Usशहर के पाला रोड पर एक समुदाय की ओर से लगाए गए पोस्टर के जवाब में दूसरे समुदाय की ओर से पोस्टर लगाए जाने के बाद इलाके में सोमवार रात विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश की।
स्टूडेंट, सारपीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर दर्ज हुई एफआईआर को लेकर कल मंगलवार 8 जुलाई को कांग्रेस का अशोकनगर में जेल भरो आंदोलन होगा। पटवारी ने कहा है कि मामले में कार्रवाई नहीं हुई मुझ पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हम जाएंगे भले ही हमको वहां सड़कों पर रुकना पड़े।
इनाम डिपॉजिट
बारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
मेगा वॉच,







