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️कमेंट,सारBalotra News: बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमा में किए गए फेरबदल पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए कहा कि बायतु व गुड़ामालानी का जिला बदलना अव्यावहारिक है और यह फैसला जनहित नहीं, सियासी उद्देश्य से लिया गया है।
Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
डिपॉजिट कूपन, हैदरगढ़। स्थानीय सीएचसी पर ब्लड बैंक व आईसीयू स्थापित करने की जरूरत है। यह बात सोमवार को विशेषज्ञों की टीम के सीएचसी के निरीक्षण और संसाधनों की समीक्षा के दौरान सामने आई।
विस्तारFollow Usइंदिरा सागर परियोजना से प्रभावित किसानों को भू-अर्जन मुआवजा न मिलने पर अब बड़वानी का प्रशासनिक तंत्र संकट में है। न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय की भूमि कुर्क कर नीलामी की चेतावनी दी है।
अमरोहा। एक तरफ सरकार ग्रामीण इलाकों में छिपी खेल प्रतिभा को उभारने के लिए ब्लॉक स्तर पर स्टेडियम बनवाने का काम कर रही है लेकिन सरकार की यह मुहिम जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले के सभी छह ब्लॉक क्षेत्र में स्टेडियम का निर्माण होना है लेकिन एक साल से प्रशासन युवा कल्याण विभाग को जमीन मुहैया नहीं करा पाया है। ग्रामीण इलाके के युवा खेतों में खेलने और जान जोखिम में डालकर सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर है।
सारRajasthan News: एसीबी राजस्थान ने परिवहन विभाग के अजमेर, ब्यावर और नसीराबाद ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया। निरीक्षक समेत 13 लोग हिरासत में।
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वीडियो कलेक्ट सारमकर संक्रांति नजदीक आते ही चाइनीज मांझा बेचने वाले फिर सक्रिय हो गए हैं। बरेली में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उससे 12 किलो चाइनीज मांझा बरामद हुआ है।
विस्तारFollow Usभाटापारा मे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों में अवैध धान खपाने की कोशिशों को रोकने के लिए कोचियों और बिचौलियों पर कार्रवाई तेज कर दी गई है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर भाटापारा टीम ने आज तीन स्थानों पर संयुक्त छापेमारी करते हुए करीब 24.74 लाख रुपये मूल्य का 1044.40 क्विंटल धान जब्त किया।
स्टूडेंट, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







