डाउनलोड
क्लिक फ्रेंड्स
बोनस कमेंट, Inc
डिस्काउंट सब्सक्राइब
💢ऑनलाइन💢
️लाइक विथड्रॉ,बहराइच। जिले में कुत्तों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अलग-अलग इलाकों में शनिवार को हुए कुत्तों के हमलों में परचून व्यवसायी समेत तीन लोग जख्मी हो गए। चिंता की बात यह है कि कुत्ते सीधे चेहरे पर हमला कर रहे हैं, जिससे घायलों की हालत गंभीर हो जा रही है, उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ रहा है।
विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
फ्री, बाराबंकी। निधन के दो साल बाद तक पेंशन लेने का मामला सामने आया है। मृतक के पौत्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी व अपने चाचा पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने दोनों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद पेंशन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:36 AM IST
बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में मत्स्य पालन को नई दिशा देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। तालाबों में एरेशन सिस्टम की स्थापना से मछलियों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है। इस योजना के तहत मत्स्य पालकों को इस उन्नत तकनीक को अपनाने के लिए 80 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
सारमाघ मेले में तीन हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। 44 दिन तक चलने वाले मेले में 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। पांच लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। अयोध्या, वाराणसी और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।
डिपॉजिट, कपकोट में गैरखेत–लखमारा सड़क का निर्माण कार्य तीन साल से ठप होने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक कार्यालय के सामने धरना देकर एक महीने में काम शुरू करने की मांग की।
वेरिफाई पश्चिमी राजस्थान की राजनीति एक बार फिर जिला सीमाओं के सवाल पर उबाल पर है। बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल ने न सिर्फ प्रशासनिक ढांचे को झकझोर दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति को भी आमने-सामने ला खड़ा किया है। कांग्रेस इस फैसले को जनविरोधी और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि भाजपा इसे संतुलित प्रशासन और विकास की दिशा में जरूरी कदम करार दे रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:00 AM IST
विन इंस्टेंट, बलरामपुर के दीवानी न्यायालय परिसर में धूप में बैठे वादकारी।-संवाद







