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💢अतिरिक्त वीडियो💢संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर (चंदौली)। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के ओड़वार गांव में चार दिनों से संतान प्राप्ति अनुष्ठान के नाम पर चपत लगाने की कोशिश में दो ढोंगी व्यक्ति दबोच लिए गए। पीड़ित के अनुसार, दोनों ने घर की महिलाओं से गहनों को दो घड़ों में रखवाया फिर उसमें ईंट-पत्थर रखकर भागने की तैयारी करने लगे। शक होने पर तलाशी ली गई तो दोनों की जेब से गहने मिले। पीड़ित का आरोप है कि दोनों दूसरे समुदाय से जुड़े हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
️ऑफर,संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:30 PM IST
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मेगा अर्न, विस्तारFollow Usभागलपुर के इसीपुर थाना क्षेत्र के सीमानपुर मोड़ के पास बारातियों के साथ मारपीट और लूटपाट की बड़ी घटना सामने आई है। आरोप है कि डीजे पर डांस कर रही महिलाओं और नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर बरातियों पर हमला कर दिया और धारदार हथियार से मारपीट की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दूल्हे को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
विस्तारFollow Usबूंदी जिले में केशोरापाटन रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने की घटना में कोटा में NEET की तैयारी कर रहा छात्र दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक छात्र बिहार के पटना का रहने वाला था और पिछले एक वर्ष से अपनी बहन के साथ कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
दीक्षा आत्महत्या मामले में पूर्व कृषिमंत्री जेपी दलाल को मांग पत्र सौंपते पीड़ित परिवार व जनसं- फोटो : 1
मोबाइल स्टूडेंट, चंपावत। नगर के बालेश्वर मंदिर समूह में खंडित मूर्तियों संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। संग्रहालय निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने प्रशासन से जमीन देने की अपील की है। बालेश्वर मंदिर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक के रूप में वर्ष 1952 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित किया था। चंद शासकों ने 13वीं सदी में बालेश्वर मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में मौजूद शिलालेख के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1272 में बना था।
बोनस फ्री कलेक्टर ने आयोजन स्थल का किया निरीक्षण- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौरPublished by:मोहम्मद मुस्तकीमUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:24 PM IST
रजिस्टर विज़िट, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







