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चंडीगढ़। सांस के गंभीर मरीजों के इलाज में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पीजीआई ने स्वदेशी हाई-फ्लो नेजल कैनुला सिस्टम ट्रूऑक्सी प्लस के लिए क्लैरिटी मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड, मोहाली के साथ ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पूरी तरह देश में विकसित की गई है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए किफायती, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला विकल्प उपलब्ध कराएगी।
मासिक गेट, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Sat, 10 Jan 2026 08:49 PM IST
भिवानी। जिले में शीतलहर और कोहरे का प्रभाव लगातार जारी है। सोमवार को न्यूनतम पारा 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिससे मौसम सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। ठिठुरन भरी ठंड और सर्द मौसम के चलते बीपी व ह्रदय व मधुमेह रोगियों की संख्या में वृद्धि देखने को मिली। मौसम बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
बड़ा डाउनलोड, एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पेट्रोल-डीजल चोरी बढ़ी, सेना ने 40 गांवों को चेतावनी पत्र जारी कर अवैध प्रवेश पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की, संतरी हथियार के साथ तैनात रहेंगे।
डिपॉजिट प्रदेश में राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। साइबर ठग खुद को बोर्ड से जुड़ा बताकर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से फोन पर संपर्क कर रहे हैं और परीक्षा में पास कराने के नाम पर रुपये मांग रहे हैं। राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस तरह की धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों से कॉल किए जा रहे हैं, उस नाम का कोई भी व्यक्ति बोर्ड में कार्यरत नहीं है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि किसी भी परीक्षार्थी को पास कराना इस तरह से पूरी तरह असंभव है।
मोबाइल, विस्तारFollow Usइंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







