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💢विशेष गेम💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुरPublished by:दुष्यंत शर्माUpdated Thu, 06 Nov 2025 12:01 AM IST
️वीडियो गेट,मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को जम्बूरी मैदान, भोपाल में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें गिर, साहीवाल और थारपारकर के साथ आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध पुंगनूर गाय लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गायों को अपने हाथ से रोटी खिलाई। राज्यमंत्री पशुपालन एवं डेयरी लखन पटेल के मार्गदर्शन में लगाई गई इस प्रदर्शनी में देश की प्रमुख दुधारू नस्लों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद किसानों और पशुपालकों को विभागीय अधिकारियों ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित पशु आहार, बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन और उन्नत नस्ल विकास की जानकारी दी।
विरासत-ए-कहलूर के सेमीफाइनल में पहुंची स्ट्राइकर इलेवन की टीम। स्रोत: टीम
अतिरिक्त कैश, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया ।इनमें सात महिला और 27 पुरुष कैडर हैं। ये कैडर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), तेलंगाना स्टेट कमेटी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर डिवीजन में सक्रिय थे।
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सारबीजापुर में रानीबोदली का नाम सुनते ही आज भी लोगों की रूह कांप उठती है। 15 मार्च 2007 को माओवादियों द्वारा रानीबोदली में किया गया खूनी हमला देश कभी नहीं भूल सकता, जिसमें 55 जवान शहीद हुए थे और 25 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे।
डायमंड सब्सक्राइब, चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत ब्लंतर में बीते करीब छह महीनों से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा हुआ है। इसके चलते चूंडी, खमवास, किड़वास, कलयोग और गुरासना गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
वेरिफाई कलेक्ट, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Wed, 17 Dec 2025 09:17 PM IST







