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ऑनलाइन अर्न, नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा शामिल हुए। ने मध्यप्रदेश का पक्ष रखा। उन्होंने बैठक में मध्य प्रदेश का पक्ष रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं और प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन लगातार बेहतर हुआ है। देवड़ा ने वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं और उनकी सुविधा के लिए सड़क, घाट, पुल, ठहरने की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं का विकास जरूरी है। इसके लिए पहले ही 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।
चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST
विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का मतलब केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में और अधिकारियों के कामकाज में साफ नजर आना चाहिए। वे नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित कर रहे थे।
विस्तारFollow Usचंडीगढ़ में सोमवार सुबह एक बार फिर घना कोहरा छा गया। कड़ाके की ठंड ने गलन का अहसास कराना शुरू कर दिया है। शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस है, जबकि अधिकतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
गेम, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 05:37 PM IST
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विस्तारFollow Usजिले के भुसावर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में एंटी करप्शन ब्यूरो चौकी भरतपुर इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के एग्रीकल्चर मैनेजर भगवत प्रसाद सैनी और उसके रिश्तेदार सोमेन्द्र कुमार सैनी को एक लाख 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
छोटा फ्री, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







