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💢साइन अप शेयर💢विस्तारFollow Usबीकानेर के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक होटल संचालक से जबरन एक लाख रुपये वसूलने, सीसीटीवी डीवीआर जब्त करने और झूठा मुकदमा दर्ज करने के आरोप में थानाधिकारी सहित छह पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज हुआ है।
️क्लिक,टनकपुर (चंपावत)। खिरद्वारी के वनराजी जनजाति के लोगाें को सड़क से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए खर्राटाक होकर गंगसीर तक सड़क बनेगी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत विभागीय टीम ने सर्वे कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सात किलोमीटर तक सर्वे पूरा हो गया है। गंगसीर तक सड़क की कुल लंबाई करीब 20 किमी होने की संभावना जताई गई है।
11 जनवरी को सर्व आदिवासी समाज की बैठक- फोटो : अमर उजाला
पुराना शेयर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चांदपुर में आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में सम्मानित पुरातन छात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:59 AM IST
लाइक,
अल्ट्रा वॉच चंडीगढ़। रामदरबार इलाके में युवक रोहित की हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों अंकित उर्फ बस्सी और यश की जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों फिलहाल बुड़ैल जेल में बंद हैं।
सारBihar : समस्तीपुर में भू माफियाओं ने एक सेवा निवृत फौजी को फर्जी तरीके से कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की थी। अब एक दूसरे शहर में 9 साल पहले मृत महिला को कागज में जिंदा कर दिया। इस कहानी में भी मकसद कुछ ऐसा ही है।
इनवाइट, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







