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💢कैश💢कोतमा निवासी पूजा जैन का एमपीपीएससी की परीक्षा में डीएसपी के पद पर चयन हुआ है। पूजा के पति श्रेयांश जैन वर्तमान में भोपाल में रेंजर के पद पर पदस्थ हैं और बीते वर्ष ही उनकी शादी हुई थी। वर्तमान में दोनों भोपाल में ही रह रहे हैं, इससे पहले भी पूजा का चयन एमपीपीएससी के जरिए जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर हुआ था, जहां भोपाल में वर्तमान में उनकी पदस्थापना है। जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर चयनित होने के बावजूद भी पूजा ने अपनी तैयारी बंद नहीं की और कार्य की व्यस्तता के बावजूद वह नियमित रूप से इसकी तैयारी करती रही।
️रिवॉर्ड्स,बाजारशुकुल। मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण उसका अहंकार है। जब तक हृदय में मैं और मेरा का भाव रहेगा, तब तक ईश्वर की प्राप्ति संभव नहीं है। ये बातें व्यौरेमऊ गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन प्रवाचक आचार्य महेशदास मिश्र महाराज ने कहीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया।
सारअपर पुलिस आयुक्त ने अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही कहा कि यदि सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या के लिए अब एसीपी जिम्मेदार होंगे।
लाइक कलेक्ट, मेडिकल में छात्रा को देखने पहुचीं एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून- फोटो : विवि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Sun, 28 Sep 2025 07:54 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:59 AM IST
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ईज़ी ऑनलाइन विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
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