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💢वीडियो💢1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
️छोटा सर्वे,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Tue, 16 Dec 2025 07:34 PM IST
विथड्रॉ बोनस, अमर उजाला नेटवर्क, अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 27 Dec 2025 06:39 PM IST
सारBaran News: बारां में किसान समस्याओं को लेकर अंता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। अतिवृष्टि, मुआवजे की कमी, खाद और बिजली समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया और त्वरित समाधान की मांग की गई।
विस्तारFollow Usअशोकनगर जिले के चंदेरी में मदरसे से जुड़ी शिकायत करने वाले एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि शिकायत से नाराज कुछ लोगों ने युवक को सार्वजनिक स्थान पर थप्पड़ मारे, उसकी दाढ़ी खींचकर बाल उखाड़ दिए और इस दौरान उसके चेहरे से खून निकल आया। पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर खुद ही वायरल कर दिया गया, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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रजिस्टर सर्वे माघ मेले में आने वाले वाहनों के लिए प्रशासन ने निर्धारित किया स्थान।- फोटो : अमर उजाला।
सारBaran News:जिले के ग्राम पंचायत दांता में सरकारी पैसे के बंदरबाट का एक नजारा देखने के लिए मिला है। जहां विधायक कोष से बनने वाले चबूतरे के नाम पर ठेकेदार ने पुराने चबूतरे की मरम्मत करके खानापूर्ति कर दिया है।
बड़ा पैसे, विस्तारFollow Usप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।







