साप्ताहिक विथड्रॉ
दैनिक इंस्टेंट
वीआईपी कैश, Inc
वीआईपी टास्क
💢ऐप पैसे💢अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Sun, 16 Nov 2025 08:17 PM IST
️कमेंट कैश,विस्तारFollow Usबिहार में निजी वाहनों को व्यवसायिक उपयोग में लाने की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। इस संबंध में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि अब निजी गाड़ी को कमर्शियल या कमर्शियल गाड़ी को निजी श्रेणी में बदलने के लिए सरल नियम तय किए गए हैं, जिससे वाहन मालिकों को सहूलियत मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का मतलब केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में और अधिकारियों के कामकाज में साफ नजर आना चाहिए। वे नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित कर रहे थे।
छोटा डाउनलोड, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usआज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद विवादों में घिर गया। हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय "समकालीन हिंदी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ" था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे।
कमाई फ्रेंड्स, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Tue, 19 Aug 2025 08:20 PM IST
कमेंट अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:शाहिल शर्माUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:36 PM IST
वीडियो कमाई, सारपं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के 90दिन के शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक काढ़े से 73% किडनी स्टोन मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिली। अध्ययन में 10 मिमी से कम पथरी वाले मरीजों को विशेष काढ़ा दिया गया, जिससे पथरी का आकार कम हुआ या बाहर निकल गई। शोध आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है और यह सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हुआ।







