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💢पॉइंट्स💢खुटेहना पीएचसी का रविवार को निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. एसके शर्मा । -संवाद
️विशेष ईज़ी,बड़वानी जिले की सेंधवा पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु की बहुचर्चित लूटकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को बालसमुद आरटीओ चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 9.424 किलो सोना, 3.5 लाख रुपये नकद, एक पिस्टल और दो कारतूस जब्त किए, जिनकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:40 AM IST
ऑनलाइन अर्न, विस्तारFollow Usबेमेतरा पुलिस ने जुआ के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नहर किनारे चल रहे जुआ फंड में रेड कार्रवाई कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.26 लाख रुपये नगद जब्त किया है। इसके अलावा आठ बाइक, 16 मोबाइल को भी जब्त किया है।
सारघटना रविवार तड़के हुई, जब दोनों चीते जंगल पार कर हाईवे क्रॉस कर रहे थे। वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पूरी कार्रवाई वन विभाग की निगरानी में हुई। मृत चीते को पोस्टमॉर्टम के लिए कूनो भेज दिया गया है। दू
कार ओवरटेक करते समय टक्कर के बाद बाइक सवार युवकों में सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट में तैनात क्लर्क राशिद हुसैन (38) की पीट- पीटकर हत्या कर दी। घटना के समय वह घर से मुरादाबाद रिश्तेदारी में जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
भेटुआ। अमेठी के सरयू शुकुल का पुरवा मजरे भेटुआ गांव निवासी देवमती (75) की रविवार को बेकाबू कार की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस कार्रवाई में जुटी है।
बड़ा डिपॉजिट, सारविभाग की कार्रवाई खत्म होने के बाद हिक्स थर्मामीटर के संचालक परिवार ने पूरी तरह से दूरी बना ली है। परिवार का कोई भी सदस्य न तो मीडिया के सामने आया है और न ही किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क कर रहा है।
विज़िट गेट
जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र स्थित शहीद हॉस्पिटल में उस समय हड़कंप मच गया, जब हॉस्पिटल के टॉयलेट में एक नवजात शिशु का शव बरामद हुआ। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विथड्रॉ गेम, कहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।







