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️कलेक्ट लाइक,बिसौली। खेत पर गोवंश से फसल की सुरक्षा के लिए तारबंदी कर रहे किसान सत्यपाल (50 साल) पुत्र इंदल को बिजली के लटकते तारों से करंट लग गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
राजस्थान के सीकर जिले के नेहरा की ढाणी गांव के रहने वाले स्व. सुरेंद्र का शव मृत्यु के 56 दिन बाद शुक्रवार सुबह दुबई से जयपुर पहुंचेगा। 33 वर्षीय सुरेंद्र 27 जुलाई को रोजगार के लिए जयपुर से दुबई गए थे। लेकिन 2 अगस्त को उनकी अबूधाबी (यूएई) में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद भी उनका शव भारत नहीं भेजा गया और दुबई में ही रोक लिया गया। छोटे भाई सुरजीत सिंह के दुबई जाकर डीएनए सैंपल देने के बावजूद यूएई पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से 19 सितंबर को कहा गया कि शव को भारत भेजने में अभी एक महीना या उससे भी अधिक समय लग सकता है।
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जिले में धान खरीदी व्यवस्था एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। उपार्जन केंद्रों से धान का समय पर उठाव न होने के कारण, जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नौ जनवरी 2026 से जिले में धान खरीदी बंद करनी पड़ सकती है।
विस्तारFollow Usअररिया जिले के फारबिसगंज स्थित शगुन बैंक्विट हॉल में बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार सड़क, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक साथ काम कर रही है।
खुर्जा जंक्शन। रेलवे स्टेशन पर सोमवार को यात्री व स्थानीय निवासियों ने उधमपुर एक्सप्रेस का संचालन बंद होने के विरोध में प्रदर्शन किया। ऐसे में जम्मू और श्री माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जंक्शन से जम्मू जाने के लिए किसी और ट्रेन का संचालन नहीं होता है। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है।
दैनिक इनवाइट, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:24 AM IST
गेम चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
डायमंड विन, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त







