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💢ऐप इनाम💢सारबेमेतरा जिले के नवागढ़ में राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता व गुरु घासीदास लोककला महोत्सव 2025 का आयोजन जारी है। ये बीते दो दिनों चल रहा है। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन स्थानीय नवागढ़ विधायक व खाद्य मंत्री दयालदास बघेल शामिल हो रहे।
️शेयर,विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले में सोमवार देर रात बैतूल-नागपुर फोरलेन पर एक निजी यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सापना-सोहागपुर जोड़ के पहले हुई इस घटना में बस पलटने से 16 यात्री घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sun, 21 Dec 2025 07:07 PM IST
प्रीमियम टास्क, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:49 PM IST
नारायणपुर–कोंडागांव मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व केबिनेट मंत्री मोहन मरकाम ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस नोट में उन्होंने कहा कि बीते करीब पाँच महीनों से इस मार्ग पर बस सेवा पूरी तरह बंद है, जिससे कोंडागांव और नारायणपुर के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को आवाजाही करनी पड़ती है, लेकिन बस सेवा बंद होने से जिनके पास निजी साधन नहीं हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित हैं।
बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या- फोटो : ANI
वीआईपी रिसीव, भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
कम्पलीट
सारराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार कर सर्पदंश के इलाज में नई सफलता हासिल की है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जिससे एलर्जी और गंभीर साइड इफेक्ट्स की समस्या कम होगी।
रिसीव, विस्तारFollow Usराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने सर्पदंश के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट और एम्स जोधपुर की संयुक्त टीम ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार करने में कामयाबी पाई है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जो अक्सर एलर्जी और गंभीर रिएक्शन का कारण बनता है।







