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💢प्लेटिनम डिपॉजिट💢अनूपपुर जिला मुख्यालय में ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य बीते 8 वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक इसका कार्य अधूरा है। लगातार दो विभागों के बीच जारी खींचतान के कारण काफी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बावजूद कार्य की रफ्तार में कोई सुधार नहीं होने से नगरवासी पूरी तरह से मायूस हैं। नगर के विकास को रफ्तार देने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का यह कार्य किया जा रहा था, लेकिन आज तक यह कार्य अधूरा ही है, जिसकी वजह से अनूपपुर नगर दो हिस्सों में विभाजित हो गया है। एक हिस्से पर जिला चिकित्सालय, न्यायालय भवन तथा स्कूल और कॉलेज है तो दूसरे हिस्से पर कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय तथा मुख्य बाजार है।
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राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usकोयलांचल क्षेत्र के बिजुरी थाना अंतर्गत 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पास में ही रहने वाले आरोपी सूरज पटेल 30 वर्ष ने घर में अकेला पाकर मासूम के साथ दरिंदगी की घटना को अंजाम दिया। घटना के समय नाबालिग की मां और दादी घर पर नहीं थीं। घर में अकेलेपन का फायदा उठाते हुए आरोपी सूरज पटेल ने दरिंदगी को अंजाम दिया। मां को घटना की जानकारी होने पर थाने पहुंचकर दुष्कर्म, पॉक्सो सहित एसटी, एससी की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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विथड्रॉ, जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद
गेट डिपॉजिट विस्तारFollow Usजिले के ग्राम मोहारा निवासी खोमेंद्र साहू की 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से दर्दनाक मौत हो गई। जिला अस्पताल पुलिस चौकी से शनिवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, खोमेंद्र ने ग्राम कोचेरा में टेंट लगाने का काम किया था। 19 दिसंबर को टेंट निकालकर गाड़ी पर लोड करने के लिए वे ऊपर चढ़े, तभी ऊपर गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए।
सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
ऐप बोनस, उपचार के बाद स्वस्थ महसूस कर रही है शालिनी स्रोत विभाग







