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💢मेगा पॉइंट्स💢संवाद न्यूज एजेंसी, आगराPublished by:अरुन पाराशरUpdated Thu, 18 Dec 2025 10:18 PM IST
️लाइक फ्री,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 04 Nov 2025 12:05 PM IST
श्रीनगर रोड पर एडीए की सख्त कार्रवाई, 40 से अधिक गुमटियां जेसीबी से ध्वस्त
शेयर ट्रांसफर, MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
सारमाघ मेला क्षेत्र में मुख्य स्नान पर्व पर शहर के बाहर 12 प्रमुख नो-एंट्री प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। जिनमें मंदर मोड़, थाना परेडी गेट, पुलिस चौकी बमरौली, सहसो चौराहा, हबूसा मोड़, सोरांव बाइपास, नवाबगंज बाइपास, मलाक हरहर चौराहा, टीपी नगर कटरा, रामपुर चौराहा, गौहनिया घरपुर और 40 नंबर गुमटी शामिल हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:39 AM IST
रात्रि के समय पेड़ में चढ़कर आराम करता हुआ ग्रामीण- फोटो : अमर उजाला
विज़िट क्लिक, आगरा। उज्जैन के श्रीबालमुकुंद आश्रम के इंडोर हॉल में आयोजित तृतीय महाकाल ओपन राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में आगरा के खिलाड़ियों ने जिले का गौरव बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए ताइक्वांडो मास्टर पंकज शर्मा, संतोष कुमार सिंह, प्रदीप गौर, माधव गौतम, प्रशांत कुशवाह, सुदर्शन देबनाथ, इशांत कुमार और गौरांशी कटारा ने स्वर्ण पदक, जतिन बघेल ने रजत और मितुल ने कांस्य पदक जीते। जिला ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष डॉ. एमसी शर्मा और संगीता शर्मा ने खिलाड़ियों को बधाई दी है।
वीडियो विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
सारघायल महिला के पति कुलदीप ने बताया कि वह और उनकी पत्नी पिछले कुछ दिनों से लगातार धमकी भरी कॉल्स से परेशान थे। कॉल करने वाले खुद को अपराधी बताते हुए पैसों की मांग कर रहे थे और अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे थे।
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