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💢डिस्काउंट स्टूडेंट💢विस्तारFollow Usदरभंगा के राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का निधन हो गया। वे लगभग 96 वर्ष की थीं और कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। महारानी कामसुंदरी देवी, महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी थीं। महाराजा कामेश्वर सिंह से उनकी शादी 1940 के दशक में हुई थी। महारानी कामसुंदरी देवी से पहले महाराजा की दो पत्नियां थीं, महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया, जिनका निधन पहले ही हो चुका है।
️लॉग इन कम्पलीट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:05 PM IST
विस्तारFollow Usइंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
कमाई रिसीव, सारमुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बुजुर्ग महिलाओं को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है, जिससे वे राशन प्राप्त करने से वंचित हैं।
सारपुलिस ने सुंगल के पास नाकाबंदी के दौरान एक पुलिस और बिजली बोर्ड के कर्मी को 2.85 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 70,500 रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार किया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sat, 27 Dec 2025 08:27 AM IST
Chhindwara Newsलुधियाना में लूटAmritsarShahdol NewsBihar NewsJalandharरेवाड़ी में पुलिस की बड़ी कार्रवाईMP NewsMunger NewsBihar
सुपर ऑफर, विस्तारFollow Usबूंदी जिले के सदर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम जयपुर–कोटा हाईवे स्थित सिलोर पुलिया के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बजरी से भरे ट्रॉले का आगे का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर चलती कार पर पलट गया। ट्रॉला और बजरी के नीचे दबने से कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पैसे लाइक 'मौत के लिए बच्चों को सिरप देने वाली माताएं जिम्मेदार'- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usपंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
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