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️रिसीव,विस्तारFollow Usराजस्थान के उत्तर-पश्चिमी जिलों में घने कोहरे का असर देखने को मिला, जिससे बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, नागौर सहित कई इलाकों में दिन का तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। उत्तरी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, आज भी राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे सर्दी का असर बढ़ेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुंझुनूं के क्षेत्रों में घना कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, कोहरे और कमजोर हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे सुबह और शाम की ठंड अपेक्षाकृत कम महसूस हो रही है।
विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले में दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में प्रशासनिक जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सोमवार को अधिकारियों की एक टीम मृतक बच्चों के परिजनों से उनके गांव पहुंचकर मिली और पूरी जानकारी जुटाई।
गेट इंस्टेंट, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विस्तारFollow Usहाईकोर्ट की सख्त चेतावनी के बाद भी बिलासपुर में कार पर स्टंटबाजी नहीं थम रही है। बिलासपुर के न्यू रिवर व्यू रोड में कार की छत पर स्टंट करने का नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसे लेकर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि रील्स बनाने के चक्कर में युवा जान जोखिम में डालकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। कोर्ट ने कलेक्टर बिलासपुर, एसपी बिलासपुर और राज्य शासन से मामले में जवाब मांगा है।
TOP NewsBangladeshUttarakhandUSUPReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिनआज का शब्दDonald Trump
रजिस्टर, संवाद न्यूज एजेंसी, चमोलीUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:40 PM IST
रिसीव वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:35 AM IST
पुराना ऑफर, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







