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💢कूपन💢अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा लेने के लिए खड़े मरीज।
माउंट आबू में जीरो डिग्री तापमान।- फोटो : Amar Ujala
पॉइंट्स ईज़ी, बागेश्वर। जिले में बढ़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन के साथ-साथ सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को जब जिला अस्पताल खुला, तो मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा 600 के पार पहुंच गया। जिसमें 540 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया।
सर्वे क्लिक सारचार महिलाएं और छह पुरुषों ने शनिवार रात 10 बजे सरेंडर किया, जिन्हें बाद में सुरक्षा के साथ पुलिस लाइन लाया गया। यह कदम हाल ही में माहिरखुदरा क्षेत्र में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ और सरकार की आत्मसमर्पण नीति के दबाव का परिणाम बताया जा रहा है।
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 10 Jan 2026 08:20 PM IST
अतिरिक्त साइन अप, Baran News:जिले के ग्राम पंचायत दांता में सरकारी पैसे के बंदरबाट का एक नजारा देखने के लिए मिला है। जहां विधायक कोष से बनने वाले चबूतरे के नाम पर ठेकेदार ने पुराने चबूतरे की मरम्मत करके खानापूर्ति कर दिया है।







