कमेंट
वीआईपी इनाम
इनवाइट, Inc
डिपॉजिट
💢साप्ताहिक डाउनलोड💢
️डिस्काउंट,वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:24 AM IST
अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
बड़ा शेयर, अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 01 Dec 2025 08:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:34 PM IST
चंबा। 15 से 49 वर्ष के आयु वर्ग में एचआईवी/एड्स के मामले सबसे अधिक पाए गए हैं। यह बात जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने कही। इस दौरान उन्हाेंने इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कैरू (भिवानी)। कैरू के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में कार्यरत सामाजिक शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी (एसईपीओ) सुरेंद्र सिंह को भ्रष्टाचार के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन्हें नूंह जिले के नगीना हेडक्वार्टर से अटैच किया गया है। यह कार्रवाई ढाब ढाणी निवासी रामपाल और सुमेर सिंह की शिकायत के बाद की गई जिन्होंने इस संबंध में 21 स्थानों पर शिकायतें भेजी थीं और खंड में कार्यरत पटवारी तथा एसईपीओ सहित अन्य के खिलाफ आरोप लगाए थे।
डायमंड रिवॉर्ड्स, बिजनौर में विवेक यूनिवर्सिटी में हैंडबॉल प्रतियोगिता की विजेता दिल्ली की महिलाओं की टीम। संवाद
पैसे ऑनलाइन सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
चंडीगढ़। शहर में क्रेश संचालन के नाम पर हुए खर्च में बड़ी अनियमितता सामने आई हैं। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड की ऑडिट जांच में 24.59 लाख रुपये का खर्च इनएडमिसिबल (अमान्य) करार दिया गया है। यह खुलासा वर्ष 2021-22 के दौरान 50 क्रेच के संचालन के लिए जारी अनुदान की जांच में हुआ।
फ्रेंड्स पॉइंट्स, - जांच के बाद सदस्यों ने लौटाया, दी चेतावनी दोबारा ऐसे कृत्य पर दर्ज की जाएगी प्राथमिकी







